Up news: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के किसानों को एक ऐसी सौगात देने की तैयारी की है, जो अब तक सिर्फ बड़े शहरों या फिल्मों में देखने को मिलती थी। प्रदेश के हर जिले में अब 'ड्रोन बैंक' खोले जाएंगे। यह कदम न केवल खेती की लागत कम करेगा, बल्कि किसानों को 'स्मार्ट किसान' बनाने की दिशा में एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव साबित होगा।
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| UP के किसानों की बल्ले-बल्ले! हर जिले में खुलेंगे ड्रोन बैंक |
up kisan dorne bank Yojana क्या है यह 'ड्रोन बैंक' योजना?
ज्यादातर छोटे किसानों के लिए लाखों रुपये का ड्रोन खरीदना मुमकिन नहीं होता। इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने 'यूपी एग्रीज' (UP Agriz) योजना के तहत हर जिले में ड्रोन बैंक स्थापित करने का फैसला लिया है।
इन बैंकों को चलाने की जिम्मेदारी एग्री जंक्शन और FPO (किसान उत्पादक संगठन) को सौंपी जाएगी। कोई भी किसान बहुत ही मामूली किराया देकर इन बैंकों से ड्रोन बुक कर सकता है।
50% की भारी छूट (Subsidy) का लाभ
विश्व बैंक के सहयोग से चलने वाली इस योजना में सरकार इन बैंकों को ड्रोन खरीदने के लिए 50 फीसदी तक का अनुदान (अनुदान) दे रही है। किसान को बस अपनी जरूरत के हिसाब से बुकिंग करनी होगी और ड्रोन ऑपरेटर खुद खेत पर आकर कीटनाशकों या लिक्विड खाद का छिड़काव कर देगा।
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| यूपी के किसानों के लिए खुशखबरी: अब घर आएगा ड्रोन! |
ड्रोन से खेती करने के 5 जबरदस्त फायदे:
- कम लागत, ज्यादा फायदा: जहाँ छिड़काव में घंटों लगते थे, ड्रोन वही काम कुछ ही मिनटों में कर देता है। इससे मजदूरी का खर्च बचता है।
- पानी की भारी बचत: ड्रोन तकनीक में बहुत ही कम पानी के इस्तेमाल से दवाइयों का छिड़काव पूरे खेत में एक समान हो जाता है।
- मृदा स्वास्थ्य (Soil Health) की निगरानी: ड्रोन केवल छिड़काव नहीं करता, बल्कि यह मिट्टी में नाइट्रोजन के स्तर और जल निकासी की स्थिति को भी भांप लेता है।
- सब्जियों और बागवानी में क्रांति: अमरूद, अनार और अंगूर जैसे बागों के साथ-साथ सब्जियों की खेती में ड्रोन का इस्तेमाल सबसे सफल रहा है।
- आवारा पशुओं पर नज़र: ड्रोन के जरिए किसान अपने खेतों की निगरानी कर सकते हैं और आवारा पशुओं से फसल को बचा सकते हैं।
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (महत्वपूर्ण जानकारी)
सवाल 1: क्या ड्रोन बैंक से ड्रोन किराए पर लेना महंगा पड़ेगा?
जवाब: बिल्कुल नहीं! सरकार का उद्देश्य खेती की लागत कम करना है। ड्रोन का किराया मानव श्रम (मजदूरी) से कम रखने की योजना है, जिससे छोटे किसानों की जेब पर बोझ न पड़े।
सवाल 2: ड्रोन बुकिंग के लिए किसानों को कहाँ संपर्क करना होगा?
जवाब: किसान अपने नजदीकी एग्री जंक्शन केंद्र या अपने क्षेत्र के FPO से संपर्क कर सकेंगे। जल्द ही इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल या ऐप भी लॉन्च किया जा सकता है।
सवाल 3: क्या ड्रोन चलाने के लिए ट्रेनिंग की ज़रूरत होगी?
जवाब: नहीं, किसानों को खुद ड्रोन चलाने की ज़रूरत नहीं है। ड्रोन बैंक की तरफ से एक ट्रेंड ऑपरेटर साथ आएगा जो सुरक्षित तरीके से आपके खेत में छिड़काव का काम पूरा करेगा।

