यूपी के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत, योगी सरकार ने लिया अचानक यह बड़ा फैसला!

 UP Smart Meter News : आज पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है क्योंकि यूपी में पुराने बिजली मीटरों को UP Smart Meter से बदलने की प्रक्रिया पर योगी सरकार ने शनिवार से तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह फैसला मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंची उन शिकायतों के बाद लिया गया है, जिनमें स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता और उनके काम करने के तरीके पर गंभीर सवाल उठाए गए थे।

दिल्ली क्राइम प्रेस रिपोर्ट में हम आपको विस्तार से बताएंगे कि आखिर सरकार को यह कदम क्यों उठाना पड़ा और अब उपभोक्ताओं पर इसका क्या असर होगा।

UP Smart Meter News
  • यूपी में स्मार्ट मीटर पर रोक - योगी सरकार का बड़ा फैसला!

UP Smart Meter News : यूपी में स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक की असली वजह

केंद्र सरकार की रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत यूपी में पुराने मैनुअल मीटर हटाकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे थे। लेकिन पिछले काफी समय से उपभोक्ताओं की शिकायतें बढ़ रही थीं कि:

  • बिना सहमति के मीटरों को प्रीपेड मोड में बदला जा रहा था।
  • बिजली का बिल अचानक बढ़कर आने लगा था।
  • मीटरों की गुणवत्ता और रीडिंग की सटीकता पर शक था।

इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सीएम योगी ने जांच के आदेश दिए हैं। अब एक चार सदस्यीय विशेषज्ञ समिति इन मीटरों की तकनीकी जांच करेगी। जब तक यह समिति अपनी रिपोर्ट (अगले 10 दिनों में) नहीं दे देती, तब तक पुराने मीटर नहीं बदले जाएंगे।

क्या नए कनेक्शन पर भी है रोक?

यहाँ एक ज़रूरी बात ध्यान रखने वाली है। पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल के अनुसार, रोक सिर्फ पुराने मीटरों को बदलने पर लगी है।

  • पुराने उपभोक्ता: जिनके घर में पहले से मीटर लगा है, उनका मीटर अभी नहीं बदला जाएगा।
  • नए कनेक्शन: जो लोग नया बिजली कनेक्शन लेंगे, उन्हें अभी भी UP Smart Meter ही दिया जाएगा। नए कनेक्शन के लिए यह नियम अभी भी प्रभावी है।

27 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट और उपभोक्ताओं की चिंता

पूरे उत्तर प्रदेश में लगभग 27 हजार करोड़ रुपये खर्च करके पुराने मीटर बदले जाने हैं। राहत की बात यह है कि इन मीटरों का खर्च उपभोक्ताओं से नहीं लिया जा रहा है। प्रदेश में अब तक करीब 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 70 लाख प्रीपेड मोड पर हैं। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी हाल ही में कहा था कि प्रीपेड या पोस्टपेड का विकल्प उपभोक्ता के पास होना चाहिए, जिस पर अब यूपी में मंथन चल रहा है।

FAQ: आपके ज़रूरी सवालों के जवाब

Q1. क्या मेरे घर का पुराना मीटर अभी बदला जाएगा?
जवाब: नहीं, जांच समिति की रिपोर्ट आने तक पुराने मीटरों को बदलने की प्रक्रिया पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
Q2. स्मार्ट मीटर की जांच में कितना समय लगेगा?
जवाब: पावर कॉरपोरेशन द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति को 10 दिनों के भीतर अपनी तकनीकी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
Q3. क्या प्रीपेड मीटर में बिजली महंगी पड़ती है?
जवाब: सरकारी तौर पर बिजली की दरें वही रहती हैं, लेकिन स्मार्ट मीटर की सटीकता और बैलेंस कटने के तरीके को लेकर ही जांच बैठाई गई है।
Q4. नया कनेक्शन लेने पर कौन सा मीटर मिलेगा?
जवाब: नए कनेक्शन के लिए अभी भी स्मार्ट प्रीपेड मीटर का ही नियम लागू है, उन पर रोक नहीं है।

निष्कर्ष:

दिल्ली क्राइम प्रेस रिपोर्ट के अनुसार, योगी सरकार का यह फैसला उन लोगों के लिए बड़ी जीत है जो बिजली बिल की गड़बड़ी से परेशान थे। अब देखना यह होगा कि 10 दिन बाद आने वाली रिपोर्ट में इन मीटरों को 'क्लीन चिट' मिलती है या कोई बड़ा बदलाव किया जाता है। बिजली और जनता से जुड़ी ऐसी ही सटीक खबरों के लिए दिल्ली क्राइम प्रेस के साथ जुड़े रहें।

Delhi Crime press admin

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