गैस सिलेंडर की छुट्टी! जानें इंफ्रारेड कुकटॉप 1 घंटे में कितनी बिजली खाता है और क्या यह LPG से सस्ता है?

 नमस्ते दोस्तों! क्या आप भी हर महीने बढ़ते गैस के दामों और सिलेंडर की बुकिंग के झंझट से परेशान हैं? आजकल ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया के तेल और गैस बाज़ार में हलचल मचा दी है। इसका सीधा असर अब हमारी और आपकी रसोई पर पड़ता दिख रहा है। दिल्ली के बड़े बाज़ारों में अब लोग तेज़ी से गैस चूल्हा छोड़कर इंफ्रारेड कुकटॉप की तरफ भाग रहे हैं।

लेकिन क्या वाकई बिजली पर खाना बनाना गैस से सस्ता है? क्या 1 घंटा चूल्हा चलाने से बिजली का बिल बजट बिगाड़ देगा? आज हम दूध का दूध और पानी का पानी करेंगे।

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युद्ध के बीच गैस का संकट: बाज़ारों में मची लूट

ताज़ा खबरों की मानें तो दिल्ली के थोक बाज़ारों (जैसे भागीरथ पैलेस) में बिजली वाले चूल्हों की मांग 5 गुना तक बढ़ गई है। आलम यह है कि जो स्टॉक महीने भर चलता था, वह अब मात्र 3 दिन में खत्म हो रहा है।

लोग अब छोटे चूल्हों के बजाय 2000 वॉट वाले भारी चूल्हे खरीद रहे हैं ताकि अगर कल को गैस की किल्लत बढ़े, तो घर या रेस्टोरेंट का काम न रुके। ऑनलाइन दुकानों पर भी अच्छे चूल्हे अब "आउट ऑफ स्टॉक" होने लगे हैं।

इंफ्रारेड कुकटॉप: 1 घंटे में कितनी बिजली खाएगा? जानिये असली हिसाब

बहुत से लोग बिजली के बिल के डर से इसे नहीं खरीदते, लेकिन हकीकत कुछ और ही है:

  • चूल्हे की ताकत: बाज़ार में मिलने वाले ज़्यादातर चूल्हे 2000 वॉट के होते हैं।
  • बिजली की खपत: अगर आप इसे लगातार एक घंटे तक पूरी तेज़ आंच पर चलाते हैं, तो यह करीब 1.5 से 2 यूनिट लेता है।
  • असली खर्च: लेकिन हम खाना हमेशा तेज़ आंच पर नहीं बनाते। अगर आप मध्यम आंच पर खाना पकाते हैं, तो 1 घंटे में औसतन 1 यूनिट ही खर्च होती है।
  • ₹12 का जादू: अगर आपके यहाँ बिजली का रेट 7 या 8 रुपये है, तो एक घंटा खाना पकाने का खर्च मात्र 8 से 12 रुपये के बीच आता है। यानी ₹12 में पूरे दिन का हल्का-फुल्का खाना आराम से बन सकता है!

LPG सिलेंडर बनाम बिजली का चूल्हा: कौन बचाएगा आपके पैसे?

आइए अब इसकी तुलना अपने पुराने गैस सिलेंडर से करते हैं:

  1. गैस का खर्च: एक 913 रुपये वाला सिलेंडर अगर आप 1 घंटा लगातार जलाते हैं (दोनों बर्नर), तो करीब 20 रुपये की गैस जल जाती है।
  2. बिजली की बचत: वही खाना इंफ्रारेड चूल्हे पर मात्र 12 रुपये में बन जाता है। यानी आप सीधे तौर पर हर घंटे 8 रुपये बचा रहे हैं।
  3. गर्मी की बर्बादी: गैस चूल्हे की आधी गर्मी हवा में उड़ जाती है, जबकि बिजली वाला चूल्हा पूरी गर्मी सीधे आपके बर्तन को देता है।

इंफ्रारेड कुकटॉप के वो फायदे जो आपका दिल जीत लेंगे

  • बर्तनों का कोई चक्कर नहीं: सबसे अच्छी बात यह है कि इस पर आप अपने पुराने मिट्टी के बर्तन, एल्युमीनियम या स्टील की कड़ाही—कुछ भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • गैस खत्म होने का डर खत्म: अब आपको एजेंसी के चक्कर काटने या डिलीवरी का इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं है।
  • सफाई में नंबर 1: इसका ऊपर का हिस्सा कांच जैसा होता है, जिसे एक गीले कपड़े से पोंछते ही यह बिल्कुल नए जैसा चमकने लगता है।

आपके मन के सवाल और उनके जवाब (FAQ)

सवाल 1: क्या युद्ध की वजह से गैस और महंगी होगी?
जवाब: जी हाँ, दुनिया के बिगड़ते हालात देखते हुए LPG की कीमतें बढ़ना लगभग तय है।
सवाल 2: क्या इस चूल्हे पर रोटी बनाई जा सकती है?
जवाब: बिल्कुल! आप किसी भी समतल तवे पर आराम से रोटियां और पराठे बना सकते हैं।
सवाल 3: क्या इसे चलाने से करंट लगने का डर रहता है?
जवाब: नहीं, यह पूरी तरह सुरक्षित है और इसकी बॉडी शॉक-प्रूफ तकनीक से बनी होती है।
सवाल 4: क्या इंफ्रारेड चूल्हा इंडक्शन से बेहतर है?
जवाब: हाँ, क्योंकि इस पर आपके घर के पुराने मिट्टी और एल्युमीनियम के बर्तन भी चल जाते हैं।
सवाल 5: क्या इसे साफ़ करना मुश्किल है?
जवाब: बिल्कुल नहीं, इसे बस एक गीले कपड़े से पोंछते ही यह नए जैसा चमकने लगता है।

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