LPG Gas Cylinder Expiry Date - गैस की जानकारी होना आज के समय में हर परिवार की सुरक्षा के लिए सबसे ज़रूरी है। रसोई घर की सबसे महत्वपूर्ण चीज़ यानी एलपीजी गैस सिलेंडर आपकी जरा सी लापरवाही से एक बड़ा खतरा भी बन सकता है। क्या आप जानते हैं कि जिस सिलेंडर का आप रोज़ाना इस्तेमाल करते हैं, उसकी भी एक एक्सपायरी डेट होती है? अक्सर लोग इस पर ध्यान नहीं देते, लेकिन यह सीधे आपकी और आपके परिवार की जान से जुड़ी है। एक्सपायरी डेट निकलने के बाद सिलेंडर का इस्तेमाल करना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है। दिल्ली क्राइम प्रेस की इस विशेष रिपोर्ट में जानिए कैसे आप खुद अपने घर के सिलेंडर की जांच कर सकते हैं और सुरक्षित रह सकते हैं !
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🔥 LPG Gas Cylinder Expiry Date: गैस सिलेंडर पर लिखे A, B, C, D कोड का असली सच, जानें सुरक्षा के नियम
कैसे पहचानें सिलेंडर की एक्सपायरी? (A, B, C, D का गणित)
गैस सिलेंडर की एक्सपायरी डेट को पहचानना बहुत आसान है, बस आपको इसके पीछे का गणित समझना होगा। सिलेंडर के ऊपरी हिस्से यानी हैंडल के पास लोहे की पट्टी पर एक 'गुप्त कोड' लिखा होता है। इसमें एक अक्षर (A, B, C, D) और उसके साथ दो अंकों का एक नंबर होता है। यहाँ अक्षर यह बताता है कि साल की कौन सी तिमाही (Quarter) में सिलेंडर की जांच होनी है, जबकि नंबर उस साल को दर्शाता है।
इसे समझने का सबसे आसान तरीका यह है:
- A का मतलब: जनवरी से मार्च (साल की पहली तिमाही)
- B का मतलब: अप्रैल से जून (साल की दूसरी तिमाही)
- C का मतलब: जुलाई से सितंबर (साल की तीसरी तिमाही)
- D का मतलब: अक्टूबर से दिसंबर (साल की चौथी तिमाही)
उदाहरण के लिए: अगर आपके सिलेंडर पर A-26 लिखा है, तो इसका सीधा मतलब है कि जनवरी से मार्च 2026 के बीच उस सिलेंडर की सुरक्षा जांच (Testing) होनी अनिवार्य है। चूंकि अभी 2026 चल रहा है, इसलिए अगर आपके सिलेंडर पर A-24 या B-25 जैसा कोई पुराना कोड लिखा है, तो इसका मतलब है कि उसकी टेस्टिंग की तारीख निकल चुकी है। ऐसा सिलेंडर इस्तेमाल करना खतरे से खाली नहीं है और इसे तुरंत वापस कर देना चाहिए।
एक्सपायरी नहीं, यह है 'टेस्ट ड्यू डेट'
अक्सर लोगों को लगता है कि गैस सिलेंडर की एक्सपायरी होती है, लेकिन तकनीकी रूप से यह उसकी टेस्टिंग की तारीख (Test Due Date) होती है। एलपीजी सिलेंडर बेहद मजबूत स्टील से बने होते हैं, जिन्हें BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) के कड़े मानकों पर तैयार किया जाता है। सरकारी नियमों के मुताबिक, नए सिलेंडर की पहली सुरक्षा जांच 10 साल बाद की जाती है, और उसके बाद हर 5 साल में इसकी दोबारा टेस्टिंग और पेंटिंग होती है। इस जांच में देखा जाता है कि सिलेंडर में कहीं जंग तो नहीं लगी, वाल्व सही काम कर रहा है या नहीं, और क्या वह गैस का दबाव झेलने लायक है।
लापरवाही पड़ सकती है भारी
विशेषज्ञों के अनुसार, टेस्टिंग डेट निकल चुके सिलेंडर में गैस लीक होने या वाल्व खराब होने का खतरा बहुत ज़्यादा होता है। ऐसे सिलेंडर में ब्लास्ट होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए गैस एजेंसी की यह ज़िम्मेदारी है कि वह ग्राहकों तक केवल वही सिलेंडर पहुँचाए जिसकी टेस्टिंग डेट अभी बाकी हो।
⚠️ सावधान! LPG Cylinder लेते समय इन 4 बातों का रखें खास ख्याल
एक जागरूक ग्राहक वही है जो डिलीवरी लेते समय सिलेंडर को अच्छी तरह परखे। आपकी सुरक्षा के लिए ये 4 बातें सबसे ज़रूरी हैं:
- 🛡️ कोड की जांच: सिलेंडर लेते समय सबसे पहले उसके हैंडल वाली पट्टी पर अंकित A, B, C, D कोड ज़रूर देखें। अगर साल बीत चुका है, तो उसे लेने से मना कर दें।
- 📞 एजेंसी को सूचना: यदि आपको पुराना या एक्सपायर्ड सिलेंडर दिया जा रहा है, तो उसे तुरंत वापस करें और अपनी गैस एजेंसी को इसकी शिकायत दर्ज कराएं।
- 📍 सही स्थिति: सिलेंडर को हमेशा समतल ज़मीन पर बिल्कुल सीधा खड़ा करके रखें। इसे कभी भी लिटाकर (Horizontal) इस्तेमाल करने की गलती न करें।
- ⚡ आग और बिजली से दूरी: गैस सिलेंडर को हमेशा चूल्हे से उचित दूरी पर और बिजली के बोर्ड या स्विच से हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखें।
💡 महत्वपूर्ण सवाल और जवाब (FAQs)
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